दिल

मेरे दिल की जगह कोई खिलौना रख दिया जाए ,
वो दिल से खेलते रहते हैं , दर्द होता है "

सोमवार, 31 अगस्त 2009

मोहब्बत हैं हमको

आज तो कह कर रहेंगे , आपसे
मोहब्बत हैं हमको , आपसे
दुनिया की हमको जरुरत हैं नही
चाहिए सहारा हमको , आपसे

चलते - चलते आ गए ख्यालों के शहर में
रस्ते में हो गई मुलाकात, आपसे

आईने से भी शायद परदा मैं कर लू
क्या छुपाउँगा मगर मैं , आपसे

आपको वेसे तो सब मालूम हैं
जो बताने जा रहां हु , आपसे

अपने बारे में भला अब क्या बताएं
पूछते हैं हाल - ऐ - दिल अब , आपसे

फ़िर चाहे अंजाम मेरा जो भी हो
इजहार - ऐ - मोहब्बत चाहिए अब , आपसे


© शिव कुमार "साहिल" ©

3 टिप्‍पणियां:

sourabh ने कहा…

what a lovely thought

बेनामी ने कहा…

very good nice wording

saptakmusic ने कहा…

good wording