
अभी हाल ही में मेरी पहली पुस्तक "फासलें और भी हैं" जोकि एक ग़ज़ल संग्रह हैं भी छपी हैं ! यह किताब सम्पूर्ण रूप से उस प्यार को समर्पित हैं जो अधुरा रह गया हैं ! एहसास जब अश्यारोँ में बयां होते हैं तो उन एहसासों की एक अलग दुनिया , एक अलग चेहरा , एक अलग सन्देश सामने आता हैं ! इस किताब में आपको कुछ ऐसे ही सन्देश गज़लों की शक्ल में मिलेंगे ! ग़ज़ल इक सुन्दर एहसास हैं इसमें शिकायत , प्रेम , निराशा , खुशी , दर्द , यादें और जिन्दगी का हर रंग मिल जाता हैं ! इस किताब में मेनें इन्ही रंगों के उपर लिखने की कोशिश की हैं ! यह मेरी पहली किताब हैं और लाजमी हैं की इसमें कमिया भी होंगी इसलिए आप मेरी किताब को जरूर पढें और अपनें अमूल्य विचार मुझे बेजे ताकि मैं अपनी कमिओं के बारे में जान सकूँ और सुधार भी कर सकूँ !